लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाई कोर्ट ने दी जमानत

0
152

रांची। झारखंड हाई कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को जमानत प्रदान कर दिया है। अदालत ने दुमका कोषागर मामले में आधी सजा पूरी करने के आधार पर लालू प्रसाद यादव को शनिवार को जमानत की सुविधा प्रदान कर दी है। लालू को जेल से बाहर आने के लिए ₹100000 के निजी मुचलके का बांड निचली अदालत में भरना होगा। हालांकि कोर्ट की बिना अनुमति के वे देश से बाहर नहीं जा पाएंगे और ना ही किसी भी सूरत में अपना पता और मोबाइल नंबर बदलेंगे। हाई कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को जमानत देने के दौरान इन शर्तों को लगाया है।

कोरोना वायरस ने दस करोड़ से अधिक लोगों को किया संक्रमित

लालू यादव की जमानत पर आज सुनवाई

झारखंड हाई कोर्ट में लालू यादव की जमानत पर आज सुनवाई पूरी हो गई है। बेल मिलने के बाद अब लालू जेल से छूट जाएंगे। चारा घोटाला (Fodder Scam) मामले में सजायाफ्ता लालू यादव (Lalu Prasad Yadav) की जमानत (Lalu Yadav Bail) पर सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआइ की दलीलें खारिज कर दीं। इससे पहले लालू की जमानत (Lalu Bail) पर शुक्रवार को ही सुनवाई होनी थी, लेकिन झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) परिसर को सैनिटाइज करने की वजह से उनकी जमानत (Lalu Prasad Yadav Bail) पर सुनवाई टल गई। शुक्रवार को हाई कोर्ट (High Court) के पूरे परिसर को सैनिटाइज कर दिया गया। इस संबंध में हाई कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किया गया था। इसमें कहा गया है कि शुक्रवार को होने वाली सभी मामलों की सुनवाई अब 17 अप्रैल को होगी।

लालू यादव के अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने बताया कि

लालू प्रसाद (Lalu Prasad) ने आधी सजा पूरी करने का हवाला देते हुए हाई कोर्ट से जमानत की गुहार लगाई थी। जिसे उच्‍च न्‍यायालय ने मंजूर कर लिया। पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआइ (CBI) की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई थी। सीबीआइ ने अपने जवाब में कहा है कि लालू यादव (Lalu Yadav) को सीबीआइ कोर्ट (CBI Special Court Ranchi) ने अलग-अलग धाराओं में सात-सात की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने कहा है कि दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी। ऐसे में लालू यादव को कुल 14 साल की सजा मिली है। इसलिए लालू प्रसाद को आधी सजा पूरी करने के लिए सात साल जेल में रहना होगा।

लालू की जमानत खारिज करते समय कोर्ट ने माना है कि

लालू यादव (Lalu Yadav) के अधिवक्ता देवर्षि मंडल की मानें तो हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) ने पहले ही लालू की सजा को सात साल का माना है। 19 फरवरी को लालू की जमानत खारिज करते समय कोर्ट ने माना है कि आधी सजा पूरी होने में एक माह 17 दिन कम है, इसलिए लालू को जमानत नहीं दी जा सकती है। बता दें कि दुमका कोषागार (Dumka Treasury Case) से अवैध निकासी मामले में लालू प्रसाद (Lalu Prasad) ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर जमानत मांगी थी।

तीसरे शाही स्नान को कुंभनगरी तैयार, एक बार फिर दिखेगा अखाड़ों का वैभव

LEAVE A REPLY