भारत में 2019 में सोने की मांग में आई नौ फीसद की कमी

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नई दिल्ली। भारत में सोने की मांग 2019 में नौ फीसद घटकर 690.4 टन रह गई। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने गुरुवार को कहा कि घरेलू स्तर पर सोने के दाम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने और आर्थिक सुस्ती की वजह से सोने की खुदरा खरीद में पिछले साल की तुलना में कमी आई है। काउंसिल ने उम्मीद जताई है कि 2020 में भारत में सोने की मांग में 700-800 टन की बढ़ोत्तरी हो सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि लोग नये साल में ऊंची कीमतों को स्वीकार करेंगे और आर्थिक सुधारों से उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा। दुनियाभर में चीन के बाद भारत सोने का सबसे बड़ा कंज्यूमर है।

इन कारणों से सोने की बिक्री में कमी

काउंसिल का कहना है कि घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण सोना महंगा हो गया।
दुनियाभर में आर्थिक सुस्ती के माहौल की वजह लोगों की क्रय शक्ति में कमी आई है।
WGC ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि घरेलू स्तर पर सोने की कीमत 2019 में 39,000 प्रति दस ग्राम के स्तर पर पहुंच गई। इस रिपोर्ट के मुताबिक 2018 के आखिर में सोने के भाव की तुलना में 2019 के आखिर में Gold करीब 24 फीसद महंगा हो गया।

न्यूज एजेंसी पीटीआइ की खबर के मुताबिक WGC के भारतीय मामलों के प्रबंध निदेशक सोमासुंदरम पीआर ने कहा, ”नीतिगत फैसलों के सामने आने के बाद, आर्थिक विकास की गति में तेजी आने के साथ और पिछले छह महीने में लोगों में स्थानीय कीमतों की स्वीकार्यता बढ़ने के बाद 2020 में सोने की डिमांड में 700-800 टन की वृद्धि हो सकती है।”

डब्ल्यूजीसी को लगता है कि पिछले साल नीतिगत एवं उद्योग की ओर से की गई पहल से इंडस्ट्री में अधिक पारदर्शिता आई है और वह अधिक संगठित हुआ है।

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