Oho Radio : मुख्यमंत्री धामी ने किया ओहो रेडियो 89.2 एफएम का शुभारंभ

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Oho Radio :  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में ओहो रेडियो 89.2 एफएम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से ओहो रेडियो सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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जनसंवाद और आपदा प्रबंधन में भूमिका

मुख्यमंत्री धामी ने जोर देकर कहा कि रेडियो जनसंवाद, जनजागरूकता और सामाजिक चेतना का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है, जिसकी पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ओहो रेडियो समाज में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देगा और विभिन्न सामाजिक विषयों पर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ आम लोगों को शासन-प्रशासन से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों को रेडियो के माध्यम से प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है.

आपदा-प्रवण उत्तराखंड में, स्थानीय रेडियो स्टेशन आपदा प्रबंधन में मददगार साबित होते हैं. वर्ष 2013 की त्रासदी ने सूचना के अभाव की गंभीरता को उजागर किया था, खासकर हिमालय के ऊपरी इलाकों में. मंदाकिनी की आवाज जैसे सामुदायिक रेडियो स्टेशन बाढ़, भूस्खलन और जंगल की आग से संबंधित सार्वजनिक सेवा घोषणाएं प्रसारित करके आपदा तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो भारत मौसम विज्ञान विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) से सीधे जुड़कर प्रारंभिक चेतावनी देते हैं. राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग नए सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को तीन साल तक वार्षिक परिचालन अनुदान भी प्रदान करता है.

संस्कृति और शिक्षा का प्रचारक

ओहो रेडियो केवल सूचना तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित और बढ़ावा देना है. यह राज्य के लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य रूपों को लोकप्रिय बनाने और सांस्कृतिक विविधता को बनाए रखने पर केंद्रित है. इसके कार्यक्रम कृषि, पर्यटन और रोजगार के अवसरों जैसे विषयों को भी कवर करते हैं, जो स्थानीय समुदायों के लिए सीधे तौर पर प्रासंगिक हैं.

एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में, ओहो रेडियो दूरस्थ क्षेत्रों में भी अपनी पहुंच बनाने में सक्षम है, जहां पारंपरिक मीडिया की पहुंच सीमित हो सकती है. यह अभिनव दृष्टिकोण पहाड़ी क्षेत्रों में सूचना के प्रसार के लिए एक नया मार्ग खोलता है, शिक्षा को बढ़ावा देता है और समुदायों को सशक्त बनाता है.

इस शुभारंभ के साथ, उत्तराखंड में स्थानीय रेडियो की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है, विशेषकर सूचना के लोकतंत्रीकरण, सामुदायिक लचीलेपन को मजबूत करने और राज्य की अनूठी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में. यह भविष्य में जनसंवाद को और अधिक प्रभावी बनाएगा.

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