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Coronavirus: यदि स्वस्थ हो तो मास्क की नहीं है जरूरत Dehradun News

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देहरादून। कोरोना वायरस के खौफ के कारण तमाम मेडिकल स्टोर में मास्क खरीदने वालों की संख्या बढ़ गई है। आम लोग महंगे से महंगा मास्क खरीदते दिख रहे हैं। यह जान लें कि अगर आप स्वस्थ हैं तो आपको मास्क पहनने की जरूरत नहीं है। पर आप कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं, तो मास्क पहनें। इसके अलावा जिन लोगों को बुखार, कफ या सांस में तकलीफ की शिकायत है, उन्हें मास्क पहनना जरूरी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने यह बात कही।

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राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव एवं नियंत्रण के बारे में विभिन्न जनपद एवं चिकित्सालयों के चिकित्सक व माइक्रोबायोलॉजिस्ट को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें एम्स ऋषिकेश, दून मेडिकल कॉलेज, आइटीबीपी के चिकित्सकों के अलावा टिहरी, कोरोनेशन एवं गांधी अस्पताल के चिकित्सक व मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून के अधीन तैनात चिकित्सकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

इसी प्रकार का एक प्रशिक्षण कुमाऊं मंडल में भी आयोजित हुआ। एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आइडीएसपी) के नोडल अधिकारी डॉ. पंकज सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून डॉ. दिनेश चौहान व राज्य आइईसी अधिकारी जेसी पांडे ने जनपदों में तैनात रैपिड रिस्पांस टीम को केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण की गंभीरता की स्थिति से निपटने के बारे में बताया। यह लोग छह मार्च को दिल्ली में हुए राष्ट्रीय प्रशिक्षण में हिस्सा लेकर लौटे हैं।

डॉ. पंकज ने कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए मूलभूत तैयारियों के बारे में बताते हुए आइसोलेशन, संक्रमण पर नियंत्रण व प्रभावित व्यक्तियों की जांच के दौरान सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मास्क को लेकर अनावश्यक भगदड़ मची हुई है, जो ठीक नहीं है। क्योंकि मास्क प्रभावित व्यक्ति या कोरोना के लक्षण वाले व्यक्ति को पहनना है। या फिर चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ के द्वारा ही पहना जाना है।

डॉ. दिनेश चौहान ने क्लीनिकल मैनेजमेंट के बारे में जानकारी दी। चिकित्सालय स्तर पर आइसीयू व आइसोलेशन वार्ड को मानक के अनुसार तैयार रखने के बारे में बताया। आइईसी अधिकारी जेसी पांडे ने रिस्क कम्युनिकेशन को इस प्रकार की परिस्थिति में अत्यंत महत्वपूर्ण हथियार बताया। कहा कि मीडिया के साथ सही जानकारी साझा करना और लोगों को भयभीत न होने का संदेश लगातार देते रहना आवश्यक है। लोगों में एक विश्वास का वातावरण सृजित किया जाए। क्योंकि जन समुदाय के जागरूक होने से ही इस प्रकार की स्थिति पर नियंत्रण संभव है।

प्रदेश में नहीं आया कोई मामला

स्वास्थ्य सचिव नितेश झा के मुताबित, अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण का प्रदेश में कोई मामला सामने नहीं आया है। विभाग की तरफ से पूरी सर्तकता बरती जा रही है। अस्पतालों में भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

सब्जी मंडी क्षेत्र में बांटे मास्क

सोसाइटी फॉर चाइल्ड एंड सोशल डेवलपमेंट ने महिला दिवस पर महिलाओं को मास्क बांटे। रिंग रोड स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में संस्था की सचिव दीप्ति शाह ने कहा कि कोरोना के प्रकोप से बचने के लिए जागरुकता जरूरी है। इसके अलावा उन्होंने सब्जी मंडी में कपड़े के थैले भी बांटे। कार्यक्रम में सीता, निर्मला शाह, मुन्नी नेगी, सुरभि थापा, ऋतिक कुमार आदि शामिल रहे।

हरिद्वार के होटलों में दूसरे दिन भी 35 पर्यटकों की जांच

कोरोना वायरस को लेकर जिले में हाई अलर्ट के चलते देशी-विदेशी यात्रियों के विभिन्न होटलों में ठहरे की सूचना पर स्वास्थ्य टीमें भागदौड़ करती रहीं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 35 नये पर्यटकों समेत कुल 49 पर्यटकों में कोरोना संक्रमण की जांच की। इनके अलावा 14 विदेशी पर्यटकों की भी जांच दोबारा हुई। हालांकि किसी में कोरोना वायरस के संक्रमण न मिलने पर राहत की सांस ली।

हरिद्वार में दिल्ली, केरल, हैदराबाद से आने वाले पर्यटकों पर स्वास्थ्य विभाग की पैनी नजर है। विदेश से आए 14 यात्रियों के सिडकुल व शहर के अन्य होटल में ठहरने की सूचना पर दूसरे दिन भी जांच और स्क्रीनिंग की गई। इन यात्रियों में कनाडा, न्यूजीलैंड, तंजानिया, आस्ट्रेलिया, फिजी, ब्रिटेन के विदेशी यात्री शामिल हैं। हालांकि किसी में कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं मिला है।

सीएमओ डॉ सरोज नैथानी ने बताया कि देशी विदेशी 49 पर्यटकों की जांच हुई। इसमें विदेशी और भारत के अन्य प्रांतों से आए पर्यटकों की जांच शामिल हैं। हरिद्वार शहरी क्षेत्र में 37, रुड़की शहरी क्षेत्र के 10 और नारसन क्षेत्र में आए एक पर्यटक शामिल हैं। सभी की लगातार मानीटङ्क्षरग की जा रही है।

तीन रेलवे स्टेशनों पर हुई 65 यात्रियों की जांच

कोरोना वायरस को लेकर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम हरिद्वार रेलवे स्टेशन के अलावा लक्सर व रुड़की पर भी दो शिफ्ट में स्क्रीनिंग कर रही है। इन तीनों रेलवे स्टेशनों पर कोरोना हेल्प डेस्क पर आए 65 यात्रियों की स्क्रीनिंग व जांच की गई। इसमें हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर 32, लक्सर में 18 और रुड़की रेलवे स्टेशन पर 15 की स्क्रीनिंग हुई। तीनों जगह हेल्प डेस्क के माध्यम से 132 यात्रियों को कोरोना के प्रति जागरुक किया गया।

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