चीन की वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल अब अधर में गया लटक

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ढाका। बांग्लादेश ने चीन को बड़ा झटका देते हुए उसके कोरोना वैक्सीन के ट्रायल पर पैसा लगाने से इनकार कर दिया है। बांग्लादेश में चीन की दवा निर्माता सिनोवैक बायोटेक द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल अब अधर में लटक गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने चीनी दवा निर्माता द्वारा अनुरोध की गई फंडिंग से इनकार कर दिया है।

सिनोवैक बायोटेक लिमिटेड ने 24 सितंबर को लिए एक पत्र में कहा था कि जब तक सरकार फंड मुहैया नहीं कराएगी, तब तक ट्रायल में देरी होती रहेगी। हालांकि, एक समझौते के अनुसार सिनोवैक बायोटेक ट्रायल के लागत को वहन करने वाली थी।

स्थानीय मीडिया ने स्वास्थ्य मंत्री जाहिद मालेक के हवाले से कहा है कि

स्थानीय मीडिया ने स्वास्थ्य मंत्री जाहिद मालेक के हवाले से कहा है कि सिनोवैक को अपने पैसे से ट्रायल चलाना चाहिए क्योंकि उन्होंने मंजूरी मांगते समय खुद के पैसे से ट्रायल करने की बात कही थी। इसीलिए उन्हें अनुमति दी गई।

उन्होंने कहा कि किसी वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी देने के बाद उस देश का काम खत्म हो जाता है। कंपनी ने ट्रायल के लिए अनुमति मांगते समय फंडिंग को लेकर कोई बात नहीं की थी। चीन की सरकार और हमारे बीच इस तरह का कोई अनुबंध नहीं हुआ है। यह एक निजी कंपनी है और हम निजी कंपनी के साथ सह-वित्तपोषण (व्यवस्था) नहीं कर सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, 4,200 वॉलंटियर्स पर ट्रायल का संचालन करने के लिए गभग 60 करोड़ बांग्लादेशी टका का खर्च आएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि बांग्लादेश को सिनोवैक वैक्सीन मिलेगी, भले ही परीक्षण योजना के अनुसार आगे न बढ़े।

जाहिद मालेक ने कहा कि

जाहिद मालेक ने कहा कि बांग्लादेश को भी वैक्सीन की जल्द मिलेगी और हम इसे विकसित करने पर भारत के साथ सहयोग करेंगे। मंजूरी मिलने के बाद हम इस वैक्सीन को खरीद सकते हैं। सिनोवैक डब्ल्यूएचओ के साथ काम करेगा और यह विभिन्न देशों को वैक्सीन प्रदान करेगा। यह हमे भी मिलेगा।

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